लखनऊ। उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कांति सिंह और महामंत्री रामेन्द्र श्रीवास्तव ने आज संघ के सीतापुर जिलाध्यक्ष विजय कुमार यादव के निलम्बन को भ्रष्ट डीपीआरओं उपेन्द्र राज की मनमानी बताते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष का निलम्बन केवल इस लिए कर दिया गया कि उन्होंने जिले के सफाई कर्मियों से वसूली कर उन्हें त्योहारी नही पहुचाई। उन्होंने यह भी बताया कि जब यह शिकायत विभागीय मंत्री से की गई तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए निजी सचिव को निर्देश दिए कि उक्त कर्मचारी नेता को बहाल किया जाए। निजी सचिव ने मंत्री के आदेश से उक्त डीपीआरओ को अवगत भी कराया लेकिन कोई कार्रवाई नही की गई। उन्होंने बताया कि इसक पूर्व भी उक्त डीपीआरओं के खिलाफ लगभग चार सौ से अधिक सफाई कर्मचारियों द्वारा विभागीय मंत्री से लिखित रूप में इनके भ्रष्टाचार की शिकायत की जा चुकी है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष कांति सिंह एवं महामंत्री रामेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व में सीतापुर के सफाई कर्मचारियों ने लगभग चार सौ की संख्या में लिखित रूप से अवगत कराया था कि उक्त डीपीआरओ बकाये वेतन, एरियर, फार्म-16 ओर होली के नाम पर वसूली न करने पर कार्रवाई की धमकी दे चुके है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही प्रदेश की कार्यकारिणी की बैठक कर इस मामले में जिलाधिकारी द्वारा उक्त डीपीआरओं के खिलाफ कार्रवाई एवं उक्त जिलाध्यक्ष का निलम्बन न किये जाने पर जिलाधिकारी का र्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संघ का प्रतिनिधि मण्डल शीघ्र ही इस मामले में विभागीय मंत्री को अवगत कराकर उक्त कर्मचारी नेता के निलम्बन की मांग करने के साथ ही उक्त डीपीआरओं के भ्रष्टाचार की मांग करेगा। इस मामले में पीड़ित जिलाध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि पंचायत राज अधिकारी द्वारा संघ के प्रतिनिधि मण्डल के साथ हुई बैठक में दो जनवरी 18 को 22 सूत्रीय मांगों पर कार्यवृत्ति जारी हुई थी। जिसका अनुपालन न होने पर संघ ने 13 फरवरी को स्मरण नोटिस दिया और इस पर 22 मार्च को उनके द्वारा वार्ता को बुलाया गया । इस दौरान इन्होंने सबसे पहले मांगों पपर वार्ता न कर त्यौहार पर ऊपर तक त्योहारी पहुचाने के नाम पर सफाई कर्मिकों से वसूली कर पैसा लाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रति सफाई कर्मचारी सौ-सौ रूपये जमा करों बाद में कार्यवृत्ति पर चर्चा होगी। जब संघ के अध्यक्ष होने के नाते मैने विरोध किया तो उन्होंने मुझे धमकाया और उसी रात यानि 22 मार्च को रात्रि बिना पटल सहायक मुझे निलम्बित कर दिया।






