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जैविक खाद्य पदार्थों को सस्ता बनाना बड़ी चुनौती

जैविक खाद्य पदार्थों को सस्ता बनाना बड़ी चुनौती
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Publish Date:25 February 2018 06:47 PM

नई दिल्लीः जैविक खाद्य पदार्थों के प्रति बढ़ती जागरुकता के बीच जैविक खाद्य उद्योग के कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि सस्ता बनाने से ही उनके उत्पाद लोकप्रियता हासिल कर पाएंगे। जैविक खाद्य पदार्थों के कारोबार से जुड़़ी देश की प्रमुख कंपनी ‘त्रेत्रा एग्रो प्राइवेट लिमिटेड’ के ‘जस्ट आरगैनिक’ ब्रांड के प्रबंध निदेशक पंकज अग्रवाल ने कहा, ‘‘जैविक खाद्य व्यवसाय से जुड़े किसानों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल ऐसे उत्पादों का, आम प्रचलन वाले खाद्य वस्तुओं, सब्जियों से बहुत ज्यादा महंगा होना है। इसके कारण ऐसे उत्पादों की ज्यादातर खपत उच्च वर्ग, अधिक खपत की क्ष्मता रखने वाले जागरूक लोगों तक सीमित है।’’अग्रवाल ने कहा कि जैविक कृषि बाजार के सामने सबसे बड़ी चुनौती फुटकर कारोबारी हैं। वे ऐसे उत्पादों को बाजार में रखने के लिए 35 से 40 फीसदी का मार्जिन मांगते हैं जबकि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के जरिए पैदा किए जाने वाले कृषि ऊपजों पर वे 5 से 10 फीसदी का मार्जिन ही लेते हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकार को विशेष समर्थन देते हुए देश में स्थापित किए जा रहे कृषि मंडियों में जैविक उत्पादों के लिए विशेष क्लस्टर (शंकुल) बनाने तथा मार्जिन की सीमा तय करने के लिए आगे आना होगा। इसके अलावा सरकार को व्यापार मेलों, बाजार प्रदर्शनियों और जागरुकता अभियान चलाने के अलावा इस क्षेत्र से जुड़े निजी क्षेत्र की कंपनियों को प्रोत्साहित करने के साथ तमाम समर्थन देना चाहिए ताकि वे किसानों और बाजार (निर्यात बाजार सहित) के बीच उपयुक्त संपर्क सुत्र की भूमिका ठीक से निभा सकें।  
 

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