नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनएबी), आंध्र प्रदेश के लिए विशेष पैकेज की मांग, कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन सहित अलग अलग मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे की वजह से आज दोनों सदनों की कार्रवाई नहीं हो पाई। संसद के शुरू होते ही विपक्षी दलों के हंगामा करना शुरू कर दिया। उससे पहली सांसद संसद भवन के परिसर में भी केंद्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू किया, सदन में विपक्षी सदस्यों का हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने पीएनबी घोटाले को लेकर नारेबाजी की। कांग्रेस के कई सदस्य अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस और तृणमूल के सदस्य ‘नीरव मोदी कहां है’ के नारे लगा रहे थे। इसी दौरान आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम को पूरी तरह लागू करने और विशेष पैकेज की मांग को लेकर तेदेपा के सदस्य भी नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंच गए। उपसभापति पी.जे. कुरियन ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में वित्तीय धोखाधड़ी के मामले पर सदन में चर्चा कराने की विपक्षी दलों की मांग से सहमति जताते हुए कहा कि इस विषय पर चर्चा कराने की अनुमति दी जा सकती है। उपसभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों को अपने स्थानों पर लौटने का अनुरोध करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हंगामे से कुछ हासिल नहीं होता है, इसलिये सदस्य अपने स्थान पर लौट जाएं और चर्चा में हिस्सा लें। उपसभापति के अनुरोध के बावजूद विपक्षी दलों के सदस्यों की नारेबाजी नहीं रुकने पर उपसभापति ने सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी।




















































