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सुन्नी धर्मशास्त्र विभाग की पत्रिका “अलदीन” के विमोचन

सुन्नी धर्मशास्त्र विभाग की पत्रिका “अलदीन” के विमोचन
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Publish Date:22 September 2017 05:10 PM

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सुन्नी धर्मशास्त्र विभाग की पत्रिका “अलदीन” के विमोचन समारोह की अध्यक्षता करते हुए अमुवि के कृषि विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर सैयद परवेज कमर रिजवी ने कहा कि हमारे लिए यह अत्यधिक प्रसन्नता का विषय है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को टाइम्स हाॅयर एजूकेशन की विश्व रैकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। क्योंकि हमारी इस संस्था में शोध का स्तर अपनी ऊॅचाई पर पहुॅचा हुआ है। उन्होंने धर्मशास्त्र विभाग के शोध स्तर की सराहना करते हुए विभाग के अध्यापकों तथा जिम्मेदारों को बधाई दी उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य शिक्षा प्राप्त करके केवल नौकरी पाना नहीं है, बल्कि समाज में जाकर आपसी सहयोग करना भी है और इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए सर सैयद अहमद खान ने इस विश्वविद्यालय की स्थापना का सपना देखा था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में समाज सेवा की अत्यधिक आवश्यकता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तथा यू0जी0सी0 एच0आर0डी0 सेंटर के निदेशक प्रोफेसर अब्दुर रहीम किदवाई ने कहा कि विभागों की पत्रिकायें तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम छात्रों की छुपी प्रतिभाओं को उभारने का सशक्त माध्यम हैं इस लिए इस प्रकार की पत्रिकाओं में अपने लेखों को शामिल करने से न केवल छात्रों की शैक्षणिक एवं शौधिक प्रतिभायें उभरेंगी बल्कि विभाग का स्तर भी ऊॅचा होगा। उन्होंने अंग्रेजी भाषा की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अंग्रेजी भाषा में दक्षता प्राप्त करना धर्मशास्त्र के छात्रों के लिए इस लिए भी आवश्यक है कि वह इस्लाम की तबलीक का कर्तब्य भली भाॅति अंजाम दे सकें। धर्मशास्त्र संकाय के अधिष्ठाता तथा सुन्नी धर्मशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर तौकीर आलम फलाही ने उपस्थितजनों का स्वागत करते हुए कहा कि आज ज्ञान की उल्लेखनीय र्हिस्तयों ने धर्मशास्त्र विभाग को अपने आने से सम्मान प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि पत्रिका “अलदीन” सर सैयद के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को स्वयं में समेटे हुए है। जिसके लिए उन्होंने सम्पादक मंडल को बधाई प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि सर सैयद के द्विशतीय जन्म समारोह के हवाले से इस पत्रिका की प्रांसगिकता को नकारा नहीं जा सकता। कार्यक्रम के मानद् अतिथि शिया धर्मशास्त्र विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रोफेसर अली मुहम्मद नकवी ने कहा कि धर्मशास्त्र विभाग उन पुरानतन विभागों में शामिल है जिनकी स्थापना इस संस्था के संस्थापक सर सैयद अहमद खान ने स्वंय की थी। इस लिए धर्मशास्त्र विभाग हर प्रकार से समस्त खूबियों का मालिक है। उन्होंने कहा कि धर्मशास्त्र संकाय वह अकेला संकाय है जिसमें शैक्षणिक क्षेत्रों में अपनी पकड़ को मजबूत बनाया है। उपस्थिजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रोफेसर मुहम्मद सलीम कासमी ने कहा कि धर्मशास्त्र विभाग अपनी शैक्षणिक एवं चिंतन बौद्धिकता से उत्कृष्ट स्थान पर है तथा यहाॅ के अध्यापकों एवं छात्रों ने जीवन के विभिन्न पहलुओं पर अपने लेखों तथा शोध कार्यो द्वारा विशेष स्थान प्राप्त किया है जो विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम का संचालन डा0 मुहम्मद नासिर ने किया। ज्ञात हो कि इस अवसर पर संकाय के अध्यापकों, शोधार्थियों तथा छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
 

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