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फ़तेहपुर पुलिस की गुंडागर्दी, शिकायतकर्ता पत्रकार को ही पीटकर किया घायल

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Publish Date:04 March 2018 09:35 AM
फ़तेहपुर पुलिस की गुंडागर्दी, शिकायतकर्ता पत्रकार को ही पीटकर किया घायल फ़तेहपुर जनपद में क्राइम कंट्रोल करने में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं, जनपद में जगह जगह लूट, छिनैती, चोरी आम बात हो गई है जब बदमाशों का जहां मन आता है घटना को अंजाम देते हैं और फुर्र हो जाते हैं, अपराध नियंत्रण कर पाना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है, बजाय अपराध नियंत्रण के पुलिस का ध्यान ज्यादातर अपराध को सूक्ष्म करने या दबाने में ही लगा रहता है जिससे अपराधियों के हौसले और भी बुलन्द होते हैं जिससे वह बड़ी घटनाओं को अंजाम देने में जरा भी नहीं हिचकिचाते।वहीं पीड़ित के साथ अक्सर अन्याय देखने को मिलता है और आमजन का भी पुलिस पर से विश्वास उठता नजर आता है, आजकल एक ख़ास बात और देखने को मिलती है कि लोगों के साथ छोटे मोटे अपराध हो जाते हैं तब भी वह पुलिस के पास जाना पसंद नहीं करते,क्यों कि पुलिस उनकी सहायता के बजाय उन्हें ही परेशान करने लग जाती है कई बार ऐसा भी देखने को मिला है जब पुलिस ने सत्ता के डर या अपनी जेब गर्म करने के चक्कर में पीड़ित पक्ष को ही जेल भेज दिया,ऐसा ही एक वाकया बीती रात को भी देखने को मिला जब पुलिस ने बेरहमी से शिकायतकर्ता को ही पीट दिया जिससे वह बेहोश हो गए। योगीराज में पुलिस निरंकुश, पत्रकार भी नहीं रहे सुरक्षित उत्तरप्रदेश के कई जिलों में पत्रकारों के साथ कई घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें कई पत्रकारों की जान भी जा चुकी है और कई जगह पत्रकार घायल भी हुए हैं, वहीं पुलिस के द्वारा बदसलूकी व पत्रकारों के अपमान के भी कई मामले सामने आये हैं, ऐसा ही एक वाकया फ़तेहपुर के कोतवाली क्षेत्र में हुआ जो फ़तेहपुर पुलिस की साख में बट्टा लगाने के लिए काफ़ी है, आपको बता दें कि शहर क्षेत्र के कलेक्टरगंज निवासी एक सम्मानित अखबार के पत्रकार के साथ पुलिस ने ज्यादती की सारी हदें पार कर दीं, पत्रकार के अनुसार उसने पिता के गायब हो जाने पर देर रात को 100 नम्बर डायल किया था जिस पर prv 1154 मौके पर पहुंची थी, prv के पुलिसकर्मियों ने मदद से इंकार कर दिया और अगले दिन तहरीर लेकर कोतवाली जाने को कहा, जिस पर पत्रकार ने कहा कि अगर तब तक कोई अनहोनी हो गई तो। इस पर prv के कर्मी ने कहा कि तुम्हारा ठेका ले रक्खा है क्या। इस तरह की बातों से आहत होने व बुरा लगने पर पत्रकार ने ठीक से बात करने को कहा तो पुलिसकर्मी और भी आगबबूला हो गए और गालियां देनी शुरू कर दीं, पत्रकार के विरोध करने पर उसे पीटते हुए गाडी में भर लिया और कोतवाली लेकर चले गए,वहां कई सिपाहियों ने मिलकर फिर पत्रकार को बुरी तरह पीटा, पत्रकार की हालत बिगड़ने पर उसे बेहोशी की हालत में घर के सामने फेंककर चले गए, होश में आने पर पत्रकार के गले की चेन व जेब के रूपये भी गायब मिले, जिस पर पत्रकार ने दोषी पुलिस कर्मियों के ख़िलाफ़ तहरीर देने की बात बताई है।अब आप सब ही सोचिये कि कभी किसी पीड़ित के साथ पुलिस मदद के बजाय ऐसा बर्ताव करे तो शायद आप भी यही कहेंगे कि नहीं चाहिए ऐसी पुलिस जो वर्दी पहनकर गुंडागर्दी करे। खैर अभी भी पत्रकार को ज़िम्मेदार अधिकारियों से न्याय की उम्मीद है। जनपद फतेहपुर से हिंदुस्तान न्यूज़ 24 ब्यूरो चीफ रत्नाकर सिंह चंदेल के साथ

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