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उत्तराखंड में मानसून का कहर, 45 परिवार हुए बेघर

उत्तराखंड में मानसून का कहर, 45 परिवार हुए बेघर
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Publish Date:05 September 2018 12:09 PM

देहरादून: प्रदेश में इस साल मानसून ने जमकर कहर बरपाया है। मानसून के दौरान अब तक 37 लोग मारे जा चुके हैं। सबसे ज्यादा जनहानि पर्वतीय जनपदों में हुई, जहां बादल फटने से बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 45 परिवार बेघर हो चुके हैं।
भारी बारिश से सार्वजनिक परिसंपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। सभी विभाग नुकसान का आंकलन तैयार कर रहे हैं। मंगलवार को बारिश के कारण करीब 150 सड़कें बाधित हुईं, जिनमें से 80 सड़कों को अभी भी खोला नहीं जा सका है। प्रमुख अभियंता लोनिवि आरसी पुरोहित के मुताबिक, बाधित सड़कों में अधिकतर ग्रामीण सड़कें हैं, जिन्हें जल्द से जल्द खोले जाने के लिए मशीनरी लगी हुई है।
45 परिवार हो चुके हैं बेघर
मानसून के दौरान भूस्खलन और बाढ़ से 45 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। 237 घरों को भी नुकसान पहुंचा है। 38 मकान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, प्रभावितों को संबंधित जिलाधिकारी के माध्यम से फौरी राहत दी गई है।
अगले पांच दिन भी नहीं मिलेगी बारिश से राहत
आपदा प्रबंधन विभाग ने मौसम का जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसके मुताबिक, अगले पांच दिनों तक बारिश से राहत मिलने के आसार दिखाई दे रहे हैं। आपातकालीन परिचालन केंद्र में बतौर डयूटी अफसर तैनात संयुक्त सचिव (लोनिवि) एसएस टोलिया द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, आठ सितंबर तक कुछ स्थानों पर गर्ज के साथ बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटों में कुमाऊं मंडल के इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। 

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