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छेड़छाड़ का विरोध करने पर जलायी गयी छात्रा ने अस्पताल में दम तोड़ा

छेड़छाड़ का विरोध करने पर जलायी गयी छात्रा ने अस्पताल में दम तोड़ा
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Publish Date:05 September 2018 06:04 PM

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के थाना सरधना क्षेत्र में छेड़छाड़ का विरोध करने पर कथित रूप से आग के हवाले की गई छात्रा की मंगलवार सुबह सात बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई. वह 13 दिन से अस्पताल के बर्न विभाग में भर्ती थी. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. मंगलवार देर शाम पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया. छात्रा की मौत की जानकारी मिलते ही तनाव की संभावना के मद्देनजर प्रशासन ने कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया.

एसएसपी अखिलेश कुमार के अनुसार गत 17 अगस्त को झुलसी छात्रा की मंगलवार सुबह सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई. कल देर शाम उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया. एहतियात के तौर पर कस्बे में बलों की तैनाती की गई है. गौरतलब है कि घटना मेरठ के सरधना क्षेत्र की है जहां ट्यूशन पढ़ने के लिए जाने वाली कक्षा 10 की छात्रा के साथ कुछ युवक छेड़छाड़ करते थे. आरोप हैं कि छात्रा को आरोपियों ने जबरन एक मोबाइल फोन पकड़ा दिया था और बात नहीं करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी. घर पर पता चलने पर छात्रा के पिता ने लड़कों के परिजनों से शिकायत की. आरोप हैं कि 17 अगस्त को शिकायत से नाराज लड़कों ने अपने परिजनों के साथ मिलकर छात्रा पर केरोसीन उड़ेलकर जिंदा जलाने की कोशिश की. आग लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गई. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.

संक्रमण बढने पर 22 अगस्त को उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया. बीते तीन दिन से छात्रा की हालत लगातार बिगड़ रही थी. मंगलवार सुबह छात्रा ने दम तोड़ दिया. गौरतलब है कि पुलिस का इस मामले में शुरुआत में कहना था कि छात्रा ने मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद ही आग लगाई थी. उधर, छात्रा की मौत की सूचना मिलते ही कस्बे का बाजार बंद हो गया. आरोपियों के घरों पर ताले लटक गए जबकि मुख्य चैराहे पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई.

दोपहर से ही एडीएम वित्त आनंद कुमार शुक्ला और एसपी देहात राजेश कुमार कस्बे में कैंप किए हुए थे. कई थानों की पुलिस भी मौजूद रही. पुलिस प्रवक्ता के अनुसार छात्रा के दादा ने राजवंश बागड़ी, रोहित सैनी, गजराज सैनी, अमन, दीपक उर्फ चेतन उर्फ दीपचंद और देवेंद्र बागड़ी के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी. पुलिस पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. अमन की पहचान न होने के कारण उसकी गिरफ्तारी बाकी है. 

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