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गांव में दहशत यू पी के अमरोहा जनपद में बीते दस दिनों के अंदर सौ से अधिक बंदरों की मौत

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Publish Date:31 March 2018 08:54 AM
फॉलोअप गांव में दहशत यू पी के अमरोहा जनपद में बीते दस दिनों के अंदर सौ से अधिक बंदरों की मौत से स्थानीय लोगों के साथ ही पशु चिकित्सा विभाग में हडकंप मचा हुआ है। और एक ही गांव में हो रही बंदरो की मोतो से गांव में दहशत का माहौल है पर हैरानी इस बात की है की पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बंदरो की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है उसके बाबजूद अभी तक बंदरो की मौत का राज सामने नहीं आ सका है शायद यही वजह है की बंदरो की बड़ी मात्रा में हो रही मौत से जिलाधिकारी भी चिंतित हैं और वो खुद गांव में जाकर हालात का जायजा लेने के साथ साथ किसी प्रकार के मिस्चीफ की आशंका भी जताते हुए गहनता से जाँच की बात कर रहे हैं आपको बतादें की अमरोहा जनपद के आदमपुर थाना इलाके के ढवारसी गांव में पिछले सात आठ दिनों से लगातार बंदर मर रहे हैं। बंदरों की मौत की वजह का पता नही चल पा रहा है, बंदर खूनी दस्त के बाद तड़प तड़प कर दम तोड़ देते हैं। रोजाना दस से बारह बंदर मर जाते हैं। बंदरों की मौत से लोग हैरान हैं। चूंकि इस जानवर को धर्म विशेष से भी जोड़ा जाता है इसलिए ग्रामीणों में ख़ासा आक्रोश फ़ैल रहा है। इसके साथ ही लोगों में लगातार हो रही बंदरो की मौत से दहशत भी बनी हुई हैं। ग्रामीण मान रहे हैं कि अगर बंदरों की मौत बीमारी से हो रही है तो कहीं यह ‌बीमारी लोगों को अपनी चपेट में ना ले ले। गांव की प्रधान के पति राजीव अग्रवाल ने बताया कि गांव में अब तक करीब सौ से ज्यादा बंदरो की मौत हो चुकी है। उन्होंने प्रशासन से बंदरों की मौत की जांच कराने की मांग उठाई है। और उनके कहने के बाद पशु चिकित्सा विभाग व वन विभाग की टीमों ने गांव में जाकर बंदरो को दवाईया देनी शुरू कर दी हैं पर उसके बाबजूद बंदरो की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है जो बेहद चिंता का विषय है लगातार हो रही बंदरो की मोत की वजह जानने के लिए गांव में पहुंचे पशु चिकित्सा अधिकारी डा. तेजपाल सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम में यह बात साबित हुई है कि बंदर का पेट खाली था। यानि मरने से दो तीन दिन पहले से बंदर ने कुछ खाया नहीं था। बंदर के फेफड़े और लीवर भी खराब मिला है। खूनी दस्त से बंदरों की मौत हो रही है। लेकिन असलियत में मौत का क्या कारन है ये बिसरा की रिपोर्ट आने के बाद ही पता लगेगा। फिलहाल पोस्टमार्टम के बाद बंदरो का बिसरा आरवीआरआई बरेली भेजा गया है। जिससे बंदरों की मौत का सच सामने आ सके। वहीं जो बंदर बीमार है उनका इलाज किया जा रहा है। सेकड़ो बंदरो की लगातार मौत हो जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए अमरोहा जनपद के जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार के साथ जाकर गांव का मौका मुयायना किया और ये जानने की कोशिश की की आखिर बंदरो की मौत की वजह क्या है , डी एम् साहब ने बंदरो की मौत के मामले में संबंधित अधिकारिओ को पूर्ण रूप से चिकित्सा व देखरेख के निर्देश दिए हैं और उन्होंने ये भी आशंका जताई है की हो सकता है की इन बंदरो की मौत किसी मिस्चीफ के कारन हुई हो इसलिए पुलिस विभाग इस बिंदु पर भी जाँच कर रहा है अमरोहा से मोहम्मद आसिफ ब्यूरो चीफ

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